जाति जनगणना को लेकर सेंदूरगुड़ा में आदिवासीयों की बैठक धर्म कोड दर्ज कराने की अपील
Tribal Meeting in Sendurguda Regarding Caste Census
(अर्थ प्रकाश / निधिश रेडड्डी )
कोंटा। ब्लॉक के अंतर्गत पंचायत सेंदूरगुड़ा में प्रारंभ होने वाली जाति जनगणना को लेकर दोरला समाज के प्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों को जनगणना की प्रक्रिया और उसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जनगणना शुरू होने से पहले सभी लोगों को जाति जनगणना से जुड़ी आवश्य जानकारी होना जरूरी है, ताकि सर्वे के दौरान कोई भ्रम की स्थिति न बने और हर व्यक्ति सही जानकारी के आधार पर अपनी प्रविष्टि दर्ज करा सके। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जागरूक होकर अपनी सही जानकारी दें। बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने मतांतरित परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि जिन्होंने ईसाई धर्म अपनाया है, वे अपनी आस्था के अनुसार धर्म दर्ज कराएं। साथ ही अन्य लोगों से आग्रह किया गया कि वे अपनी पहचान को स्पष्ट रखते हुए 'आदिवासी' धर्म कोड दर्ज कराएं, जिससे जाति जनगणना में आदिवासी समाज को अलग पहचान और मान्यता मिल सके। समाज के वरिष्ठों ने यह भी कहा कि कुछ समय पहले तक लोग अपनी पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों का सही पालन कर रहे थे, लेकिन अब उसमें ढिलाई देखी जा रही है। उन्होंने सभी से अपने मूल धर्म और परंपराओं का कड़ाई से पालन करने की अपील की। बैठक में दोरला समाज के जिला अध्यक्ष सोयम नागेश, सोयम भीमा, ब्लॉक अध्यक्ष आस मुकेश, दोरला समाज के उपाध्यक्ष मड़कम मुदराज, कुंजाम हुर्रा, किस्टाराम सरपंच सुन्नम कामा, सुन्नम धर्मा, गोलापल्ली जोन अध्यक्ष मीडियम कामा, किस्टाराम के पुजारी कारको नागा, कारीगुंडम उप सरपंच बुटार राममूर्ति, कुंजाम चलपतरी, सुन्नम कृष्णा, ऊईका रामू सहित बड़ी संख्या में युवा, महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।